Tuesday, June 22, 2021

क्लाउड कंप्यूटिंग में आखिर बिग डेटा क्यों?

cloud computing big dataक्लाउड कंप्यूटिंग का सामान्य अर्थ यह है कि हम अपने किसी भी डेटा को अपने किसी भी हार्ड ड्राइव में सेव न करके इन सभी डाटा को फीजिकल सर्वर पर स्टोर किया जाता है। जो डेटा हमने स्टोर किया है उसे क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस प्रोवाइडर द्वारा मेंटेन और कंट्रोल किया जाता है और आप इसे किसी भी लोकेशन से एक्सेस कर सकते हैं। उसे इंटरनेटर की ऐसी सुविधा से जो कंप्यूटर के विशाल नेटवर्क की मदद से दूर बैठे किसी सेलफोन, लैपटॉप, डेस्कटॉप या स्मार्टफोन जैसे अपनी पसंद के किसी भी डिवाइस से अवश्य रूप से सूचनाएं प्राप्त हो सकती हैं और डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ऑफिस से दूर काम को आसान करने के लिए वर्ड डॉक्युमेंट्‌स या पावर पॉइंट प्रजेंटेशन की फाइलों को अन्य युजर के साथ एडिट कर सकते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग का खास बात यह है कि यह portability होता है अर्थात इसे किसी भी जगह और कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं। इसके लिए केवल इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर सभी के पास अपना एक ईमेल आईडी और पासवर्ड होता है। अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा है तो लैपटॉप में देख सकते हैं, स्मार्टफोन में देख सकते हैं या फिर दोस्त के स्मार्टफोन में देख सकते हैं। क्या डालना होता है, केवल आईडी और पासवर्ड और हमलोगों को डेटा मिल जाता है। जो फ्रेश डेटा होगा सभी जगह वो ही डेटा मिलता है। अगर आप किसी को मेल भेजते हो तो आप दुनिया के कोई भी कोनें में हो आपके आईडी में send mail में सेव होगा। ये सब मेल क्या आप अपने फीजिकल हार्ड ड्राइव में सेव कर रहे हैं, नहीं. तो ये कहीं न कहीं तो सेव हुआ होगा। तो सेव कहां होता है सर्वर में। क्लाउड कंप्यूटिंग में कोई भी व्यक्ति अपनी कंप्यूटर कहीं से भी बैठ कर एक्सेस कर ले जैसे कि वो अपना डेटा बैकप ले सकता है। अगर कोई कंपनी है, वो क्या करती है कि उसका जो भी डेटा है या डेटा बैकप है , वो सारा बैकप किसी ऐसी सर्वर पर रख दे जहां पर उसका डेटा सेव हो और जब भी वो चाहे वो ID और password से login कर डेटा को एक्सेस कर उसका उपयोग कर सके। अब बात है कि ये डेटा जो सर्वर में जा रहे हैं वो एक डेटा या दो डेटा तो नहीं लाखों डेटा प्रति सेकेंड जा रहे हैं तो उसे डेटा तो नहीं कहेंगे। उसे एक विशेष नाम से जाना जाता है। जिसे हमलोग बिग डेटा कहते हैं। इसमें संगठित और असंगठित दोनों तरह के डेटा होते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग में कई तरह से डेटा जा रहे हैं जैसे बैंकिंग बड़े-बड़े कंपनियां सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ईमेल, ट्‌वीटर आदि। इन सभी से जो डेटा जाती है। जब हम उसे एक्सेस करते हैं तो वह कहां से एक्सेस होती है वो बिग डेटा से एक्सेस होती है। बिग डेटा जहां स्टोर होती है उसकी स्टोरेज क्षमता बहुत ज्यादा यानि Terabytes में नहीं, Petabytes में भी नहीं, Exabytes में नहीं बल्कि Zettabytes में होती है। क्योंकि इसकी क्षमता ज्यादा होती है। बिग डेटा का speed और variety भी इसकी काफी अच्छी होती है। इसीलिए क्लाउड कंप्यूटिंग में हमेशा बिग डेटा का ही प्रयोग किया जाता है।

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About गौरव कुमार

4 comments

  1. This is good knowledge.

  2. so good

  3. Thanks Gaurav
    mst hai
    Very nice

  4. Thanks
    Gaurav jee
    Great

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