Saturday, July 31, 2021

शहरी महिलाओं को सबसे ज्‍यादा डायबीटीज का है खतरा

Diabetesएक सर्वेक्षण में पता चला है कि भारत की 60 प्रतिशत से ज्यादा शहरी महिलाएं नियमित व्यायाम नहीं करती हैं, जिसकी वजह से उन्हें डायबीटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। वर्ल्ड डायबीटीज डे के मौके पर मंगलवार को जारी किए गए एक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से पता चला है कि देश की 73 प्रतिशत शहरी महिलाएं गर्भावस्था के दौलान होने वाली डायबीटीज से अंजान हैं जो कि अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य के खतरे से संबंधित है। यह सर्वेक्षण मधुमेह देखभाल से जुड़ी कंपनी नोवो नॉर्डिक इंडिया ने किया है।

बाजार अनुसंधान कंपनी, कंटार IMRB के साथ साझेदारी में किए गए सर्वेक्षण के लिए 18 से 65 वर्ष आयु वर्ग की 1 हजार से अधिक महिलाओं का इंटरव्यू लिया गया। यह इंटरव्यू डायबीटीज से उभरने वाले जोखिमों के बारे में जागरूकता के स्तर पर जानकारी प्राप्त करने के लिए लिया गया था। सर्वेक्षण में देश के 14 शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, लखनऊ, लुधियाना, इंदौर, गुवाहाटी, कोच्चि और विजयवाड़ा को शामिल किया गया था।

निष्कर्षों से पता चला कि इंटरव्यू देने वाली 78 प्रतिशत महिलाएं गंभीर स्वास्थ्य चिंता के रूप में डायबीटीज से अवगत थीं और 70 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं का मानना था कि एक स्वस्थ जीवनशैली डायबीटीज और उससे संबंधित जटिलताओं को रोकने में मदद करेगी।

लांसेट नामक पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण डायबीटीज, हृदय रोग और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है और यह कारण हर साल 5 लाख से अधिक मौतों के साथ जुड़ा हुआ है। वर्तमान में डायबीटीज से 7.29 करोड़ लोग पीड़ित हैं। दुनियाभर में भारत, डायबीटीज की राजधानी के रूप में जाना जाता है। एक अनुमान के अनुसार, भारत में डायबीटीज से ग्रस्त लोगों की संख्या 2045 तक 13.43 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।

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