Sunday, September 19, 2021

बच्चों में अस्थमा होना बड़ा कारण मोटापा भी है

child with asthma inhalerयदि आपको लगता है कि पलूशन की वजह से अस्थमा या फिर हेरिडिट्री बीमारी है तो आप गलत हैं। एक स्टडी  में पता चला है कि छोटे बच्चों में मोटापा भी अस्थमा होने का एक कारण है।

शोध में पता चला है कि वही वजन हजारों बच्चों को अस्‍थमा जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। अमेरिका के डयूक विश्वविद्यालय ने अपने अध्ययन के लिए अमेरिका के पांच लाख से अधिक बच्चों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया और पाया कि करीब एक चौथाई बच्चों (23 से 27 प्रतिशत) में मोटापा अस्थमा के लिए जिम्मेदार है।

एक अध्ययन के अनुसार 2 से 17 वर्ष के बीच के कम से कम 10 प्रतिशत बच्चों का वजर यदि नियंत्रित हो तो वे अस्थमा जैसी बीमारी की चपेट में आने से बच सकते हैं। डयूक विश्वविद्यालय के असोसिएट प्रोफेसर जेसन ई लांग का कहना है कि अस्थमा बच्चों में होने वाली क्रॉनिक बीमारियों में अहम है और बचपन में वायरल संक्रमण तथा जीन संबंधी कुछ ऐसे कारण हैं जिन्हें होने से काफी हद तक रोका जा सकता है।

प्रोफेसर कहते हैं कि बचपन में अस्थमा होने के पीछे मोटापा एकमात्र कारण हो तो उसे रोका भी जा सकता है। इससे पता चलता है कि बच्‍चों को किसी प्रकार की गतिविधि में लगाए रखना और उनका उचित वजन होना बहुत जरूरी है।

ओर्लेडो स्थित नेमर्स चिल्ड्रंस हॉस्पिटल में सह शोधकर्ता टेरी फिंकेल ने कहा, “पीडियाट्रिक अस्थमा बचपन की सबसे ज्यादा प्रचलित बीमारियों में से है और यह मरीज, परिवार और स्वास्थ्य तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करती है.”

फिंकेल ने कहा, “अस्थमा के मामले कम करने के लिए कुछ रोकने योग्य जोखिम कारक हैं, लेकिन हमारे आंकड़े बताते हैं कि बच्चों में मोटापे को शुरुआत में रोकने से अस्थमा में महत्वपूर्ण कमी आएगी.”

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